जिले के 200 आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे मॉडल केंद्र
सोनभद्र 9 सितंबर 2020। जनपद के आंगनबाड़ी केंद्रों को अब मॉडल आगनबाडी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा और इसमें पोषण वाटिका की भी स्थापना की जाएगी। जिले के 200 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया जाना है इस अभिनव प्रयास का उद्देश्य आईसीडीएस, शिक्षा, ग्रामीण, विकास, उद्यान विभाग व पंचायतीराज के माध्यम से सामंजस्य स्थापित करते हुए मॉडल केंद्र बनाना है ।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र प्राथमिक अथवा माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में होना आवश्यक है ।विद्यालय की चारदीवारी भी हो जिसमें पोषण वाटिका सुरक्षित रहे और केंद्र के खिड़की एवं दरवाजे क्रियाशील हो। इसके अलावा संबंधित गांव में कृषि एवं पोषण सखी कार्यरत हो तथा केंद्र गांव के बीच में हो जिससे निगरानी करना आसान रहे। उन्होंने बताया कि जनपद में 200 आंगनबाड़ी केंद्र जो स्कूल परिसर में क्रियाशील है उनका चयन कर उन्हें मॉडल केंद्र बनाते हुए उनमें पोषण वाटिका स्थापित की जाएगी ।पोषण वाटिका आईसीडीएस व शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से बनाई जाएगी। चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों के कच्छ के अंदर हिंदी व अंग्रेजी में गिनती तथा अक्षर ज्ञान एवं आंगनबाड़ी केंद्र के बाहरी दीवारों पर 0 से 6 वर्ष के बच्चों, किशोरी, बालिकाओं तथा महिलाओं संबंधी पोषण एवं स्वास्थ्य संदेश चिन्हित किए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्र पर अन्य ज्ञानवर्धक सचित्र वॉल पेंटिंग भी किया जाएगा जिससे बच्चों को उससे कुछ ज्ञान भी प्राप्त हो सके। इसके अलावा बच्चों के खेल कूद हेतु झूले का प्रावधान और बच्चों के बैठने के लिए चटाई व स्वच्छता की भी व्यवस्था की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार पोषण वाटिका से प्राप्त उपज को मिड डे मील में प्रतिदिन प्रयोग में लाया जाएगा।जब स्कूल बंद रहेंगे उस समय प्राप्त उपज को कार्यकर्ती द्वारा चिन्हित अति कुपोषित बच्चों के परिवारों में वितरित किया जाएगा। पोषण वाटिका में वर्षभर मौसम के अनुसार सब्जियां व फल उगाए जाएंगे ।उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर राज्य कन्वर्जेंस कमेटी व जनपद स्तर पर जिला पोषण समिति तथा ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक पोषण समिति के माध्यम से किया जाएगा ।पोषण वाटिका हेतु चयनित आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालय की परियोजना वार सूची तैयार कर एक सप्ताह में मिशन कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।