शिक्षक को ऑनलाइन गेमिंग की लत, सवा करोड़ रुपये गंवाए

सुल्तानपुर: ऑनलाइन गेम की लत किसी की ज़िंदगी किस हद तक तबाह कर सकती है, इसकी बानगी हैं ईरुल गांव निवासी जूनियर स्कूल के शिक्षक फूलचंद गुप्ता. महज 8 महीने में उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करीब 1.25 करोड़ रुपये गंवा दिए. अब वह लगभग 49 लाख 50 हजार के कर्ज में डूबे हुए हैं. हालात इतने बिगड़े कि परिवारजनों ने उन्हें घर से निकाल दिया. अब वह किराए के मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, ईरुल गांव निवासी फूलचंद गुप्ता एक जूनियर स्कूल में शिक्षक हैं. वह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं और घर की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी. पिता का निधन तीन वर्ष पहले हो चुका है. एक भाई दिल्ली में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी का काम करता है, जबकि दूसरा गांव में चाय-समोसे की दुकान चलाता है.
उन्होंने बताया कि वेतन पर 31 लाख रुपये का कर्ज लिया है. इसके अलावा ऑनलाइन लोन एप्स से करीब साढ़े तीन लाख रुपये और साथियों से लगभग 15 लाख रुपये उधार लिए. जब परिवार को इसकी जानकारी हुई तो तनाव इतना बढ़ गया कि उन्हें घर से निकाल दिया गया. वर्तमान में वह किराए के मकान में रह रहे हैं और शुक्रवार को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कह रहे हैं.
फूलचंद ने नवंबर 2024 से ‘राजा मोबाइल गेम एप’, ‘रमी सर्किल’, ‘प्ले रमी’, ‘रमी वॉर्स’ और ‘दमन गेमिंग एप’ जैसे ऑनलाइन गेम्स पर खेलना शुरू किया. शुरुआत में उन्होंने सात लाख रुपये लगाकर 18 लाख रुपये का रिटर्न पाया. यहीं से उन्हें गेमिंग की लत लग गई। इसके बाद उन्होंने लगातार रकम लगानी शुरू की और एक के बाद एक हार का सिलसिला चलता रहा. अब तक वह कुल सवा करोड़ रुपये हार चुके हैं.
पत्नी उर्मिला देवी ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति गंभीर हो चुकी है. बच्चों की स्कूल फीस, राशन और कपड़ों की व्यवस्था तक मुश्किल हो गई है. घाटे की भरपाई के लिए पति को शहर का एक आवासीय प्लॉट और कृषि भूमि भी बेचनी पड़ी. उर्मिला ने कहा कि यदि पहले से ऑनलाइन गेमिंग को लेकर कड़ा कानून होता, तो शायद यह स्थिति न आती.
उन्होंने बताया कि हाल ही में भी पति ने 1.75 लाख रुपये एक ही दिन में दांव पर लगा दिए. जब रात को वह दोस्तों से उधार मांगने के लिए मैसेज करते थे, तो पत्नी सुबह उन नंबरों पर फोन कर पैसे देने से मना कर देती थीं.
इस पूरे मामले पर नगर सीओ प्रशांत सिंह ने बताया कि साइबर थाने की टीम ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े मामलों की जांच में जुटी है. यदि शिकायत मिलती है तो प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.