1771 लोगों के जीवन रक्षा के लिए संजीवनी बनी 108 एंबुलेंस सेवा

सोनभद्र. कोरोना काल में लाक डाउन के दौरान स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस गाड़ियां गंभीर रूप से बीमार तथा सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का जीवन बचाने के लिए वरदान साबित हो रही है। 24 घंटे दिन-रात दौड़ रही एंबुलेंस गाड़ियां डेढ़ महीने में कोरोना संदिग्धों समेत 1771 लोगों के जीवन रक्षा के लिए संजीवनी बन कर सामने आई है। आम जनमानस एंबुलेंस सेवा से काफी लाभान्वित हो रहा है। बता दें कि कोविड-19 काल में जहां लोगों को प्राइवेट वाहनों की सेवा लेने में काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है वहीं एक मोबाइल कॉल पर 108 एंबुलेंस मरीज के दरवाजे पर जाकर खड़ी हो जाती है और रोगी को अस्पताल पहुंचा कर उसके जिंदगी को बचाने में मददगार साबित होती है। लाक डाउन में जहां अधिकांश लोग अपने-अपने घरों में रहने को मजबूर रहते हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग की यह एंबुलेंस गाड़ियां दिन रात दौड़ते हुए रोगियों को अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर अभिजीत सिंह ने बताया कि जिले में 108 एंबुलेंस की 24 गाड़ियां व 4 एएलस की गाड़ियां है जिसमें से 8 गाड़ी 108 एंबुलेंस सेवा से व चार गाड़ी एएलस से कोविड उपचाराधीन की सेवा में लगी है। इन 12 एंबुलेंस के माध्यम से डेढ़ माह में यानी 1 अगस्त से 15 सितंबर 2020 तक 900 कोरोना उपचाराधीनो को सेवा दी गई। शेष एंबुलेंस से अन्य 871 मरीजों को सेवाएं प्रदान की गई इस तरह से कुल 1771 लोगों के जीवन रक्षा के लिए एंबुलेंस गाड़ियां संजीवनी बनकर सामने आई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के दौरान एंबुलेंस सेवा के चालक व इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन कोरोना वारियर्स बनकर अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करते हुए स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने में मददगार बने है।108 एंबुलेंस के चालक तथा ईएमटी सुरक्षा कवच के साथ हमेशा मुस्तैद रहते हैं ।इनको हर समय एक पीपीई किट, मास्क, तथा सैनिटाइजर से लैस रहना पड़ता है । पीपीई किट तथा अन्य सामग्री के प्रयोग एवं निस्तारण को लेकर विशेष एहतियात बरतनी पड़ती है। इसके लिए चालक को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है ।सड़क दुर्घटना में घायल चतरा ब्लाक के शाहपुर गांव निवासी कमलेश पुत्र स्वर्गीय राम सिंगार तथा चरकोनवा गांव के राम अवध पुत्र रामबचन ने बताया कि दुर्घटना के बाद वह अचेत अवस्था में आ गए थे एंबुलेंस के माध्यम से वे अस्पताल में पहुंचे और इलाज के बाद उनकी जान बची। एंबुलेंस सेवा लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[srs_total_visitors]