जनपद में 7 सितम्बर से शुरु होगा पोषण माह जागरूकता अभियान
सोनभद्र. बच्चो को कुपोषण से बचाये रखने एवं उनके स्वास्थ्य सुधार के लिये बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा जिले में 7 सितम्बर से पोषण माह मनाया जायेगा. इस दौरान किशोरियों, बच्चों एवं गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरुक किया जायेगा. इसके अलावा कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर उनका मानीटरिंग भी किया जायेगा. पोषण माह का उद्देश्य जन आन्दोलन और जन भागीदारी से कुपोषण को मिटाना है.
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि हर वर्ष सितम्बर माह को पोषण माह के रुप में मनाया जाता है. इस वर्ष भी 07 सितम्बर से पोषण माह का आयोजन किया जायेगा जो पुरे माह तक चलेगा. यह आयोजन एक सितम्बर से ही होना था लेकिन पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन के कारण इसे 7 सितम्बर से मनाया जायेगा. उन्होने बताया कि कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं स्कूल न जाने वाली किशोरियों और उनके अभिभावकों को कुपोषण से बचाव के बारे में जागरुक करेगी, साथ ही साथ जिले के कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित करने का काम करेगी.
जिला कार्यक्रम अधिकारी के मुताबिक पोषण माह के अन्तर्गत जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को पोषण के प्रति परामर्श किया जायेगा. जिससे कुपोषण की समस्या से बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं को निजात मिल सके। उन्होने बताया कि पोषण माह के अन्तर्गत अभियान चलाकर किशोरियों मंे एनीमिया की जांच कराने के साथ ही 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन कराया जायेगा और लम्बाई भी नापी जायेगी. इसके अलावा पीड़ितों की स्वास्थ्य विभाग से मिलकर बच्चों का टीकाकरण भी कराया जायेगा। जिससे व कुपोषण से ग्रसित न होने पाये.
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया की जनपद में 5 वर्ष से कम बच्चों की कुल संख्या 1,90000 है। इसमें से 3166 बच्चे अति कुपोषित है जबकि 29211 बच्चे कुपोषित है। उन्होने बताया कि पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुये लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिये मुंह पर मास्क लगाने, साबुन या सेनिटाइजर से बार बार हाथ धोने तथा बेवजह घर से बाहर न निकलने का सुझाव देगी जिसे लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में न आने पाये.