पीपीई किट को खुले में छोड़ने से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा
सोनभद्र 27 सितंबर 2020 ।जनपद में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना के खिलाफ जंग में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों अस्पतालों तथा अन्य कार्य स्थलों के स्टाफ को सुरक्षित बनाने के लिए पर्सनल प्रोजेक्टिव एक्यूमेंट पीपीई पैड की बड़ी अहम भूमिका है। जिसे इस्तेमाल करने के बाद खुले में इधर-उधर छोड़ देने से संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ सकता है । ऐसे में इसका सही निस्तारण करते हुए ढक्कन बंद डस्टबिन में ही डाला जाए । ऐसा करके खुद को बचाते हुए दूसरों को भी इस महामारी की जद में आने से बचाया जा सकता है । खुले में फेंकी गई पीपीई किट के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एस के उपाध्याय का कहना है कि ऐसा कर के हम खुद को बचा नहीं सकते हैं बल्कि दूसरों को भी मुसीबत में डाल रहे हैं। क्योंकि इस्तेमाल की गई पीपीई किट से कम से कम 2 दिन तक संक्रमण का पूरा खतरा बना रहता है । इसलिए चाहे किट हो या मास्क या गाउन उसको कदापि इस्तेमाल करने के बाद इधर-उधर न फेंकें बल्कि उसके लिए निर्धारित ढक्कन बंद डस्टबिन में ही डालें । उन्होंने कहा कि जनपद के सभी अस्पतालों को चाहिए कि वे अस्पताल के कमरे में निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त रखें । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके उपाध्याय ने बताया कि इसके लिए शासन स्तर से गाइडलाइन जारी की गई है कि पीपीई किट के इस्तेमाल और निस्तारण में किस तरह सावधानी बरती जानी है पीपीई किट एक बार ही इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इस्तेमाल के बाद इसको मशीन के जरिए ही नष्ट किया जाना सबसे उपयुक्त तरीका है । उन्होंने बताया कि अगर कोई भी पीपीई किट को इस्तेमाल के बाद इधर-उधर खुले में फेंक देता है तो उसका यह कार्य कोरोना से लड़ाई को कमजोर बना सकता है । इसलिए खुद के साथ दूसरों को भी सुरक्षित बनाने के लिए यह जरूरी है कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह इस्तेमाल के बाद किट को ढक्कन बंद डस्टबिन में ही डालें । जिससे कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने न पाए।