वित्तविहीन शिक्षकों ने DIOS को सौंपा PM और CM के नाम ज्ञापन

सोनभद्र. माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा जनपद इकाई सोनभद्र के नेतृत्व में उमाकांत शुक्ला प्रांतीय उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर उत्तर प्रदेश के प्राइवेट विद्यालयों में कार्य कर रहे शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर शांतिपूर्ण धरना दिया. शिक्षकों ने कहा कि आपदा राहत कोष से कोविड-19 महामारी में विद्यालय बंद होने के कारण किसी प्रकार से शिक्षकों को वेतन प्राप्त नहीं हो रहा है. बच्चों द्वारा शुल्क जमा ना होने से कठिनाई उत्पन्न हो रही है. इसलिए प्रदेश स्तर पर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा संगठन द्वारा वित्तविहीन शिक्षकों और सरकार से मदद दिलाने हेतु शिक्षा शिक्षक बचाओ आग्रह आंदोलन के तहत बुधवार को जनपद सोनभद्र में शिक्षकों द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, और शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

इस अवसर पर प्रधानाचार्य महासभा के प्रधान महासचिव फौजदार सिंह “अखिलेश” ने कहा की महामारी के चलते सबसे ज्यादा प्राइवेट स्कूल के शिक्षक पीड़ित हैं. यदि सरकारों ने उन शिक्षकों के ऊपर कोई ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में यह शिक्षक आंदोलन के माध्यम से सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे आज शिक्षक समझ चुके हैं की पुरानी सरकारों की भांति यह सरकार भी उसी तरह का कार्य कर रही है अर्थात वर्तमान सरकार और पुरानी सरकार में कोई अंतर नहीं.

इस दौरान प्रदेश महासचिव डॉ कृष्ण मोहन यादव ने बताया कि यह आंदोलन शिक्षकों को हक और सम्मान दिलाने के लिए माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा संगठन द्वारा पूरे प्रदेश में यह आंदोलन चलाया जा रहा है और शिक्षकों को विश्वास दिलाया की संगठन शिक्षक हित के लिए समर्पित है और हमेशा संघर्षों के माध्यम से सरकार से दो-दो हाथ करने का काम समय-समय पर करता आया है और यह संगठन इस आंदोलन के माध्यम से सरकार को बताना चाहता है की प्रत्येक शिक्षक को इस कोरोना महामारी में 15000 प्रति शिक्षक सरकार को आपदा राहत कोष से मदद करनी चाहिए उन्होंने कहा कि शिक्षा मौलिक विषय और समवर्ती सूची के अंतर्गत आता है इस पर सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि भारत के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा सरकार द्वारा प्राप्त हो इसमें उन शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान और इस महान आपदा में सरकार को शिक्षकों के साथ खड़ा होना चाहिए हम आशा करते हैं कि आने वाले समय में यह शिक्षक रहे या ना रहे सरकारों को उन दायित्वों से शिक्षकों को सम्मान देने का काम करना चाहिए जिससे आने वाले समय में शिक्षक शिक्षा देने की स्थिति में बने रहे नहीं तो इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा करके सरकार को निश्चित रूप से हटाने का काम करेंगे.

इस दौरान नरेंद्र देव पांडेय ,एवं रामलाल मौर्य ने संयुक्त रूप से सभी शिक्षकों का आभार प्रकट किया और संचालन विजय शंकर पाठक ने किया. इस अवसर पर गिरिजेश चौबे, डॉ मंजू सिंह, उमेश शुक्ल, राम अवध मौर्य, शिवम् दूबे, रमाकांत कुशवाहा, प्रवेश यादव, संतोष साहनी, गणेश प्रसाद तिवारी, विकास शुक्ल, राकेश सिंह, प्रदीप सिंह, फरहत, मुस्तकीन, घनश्याम मौर्य, राजेन्द्र प्रसाद, गणेश देव पांडेय, धर्मेन्द्र यादव, आशीष पांडेय, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहे.

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